अगर आप भी अपने दिल की इन्हीं अनकही भावनाओं को शब्दों में बयां करने के लिए Kismat Shayari ढूँढ़ रहे हैं, तो यहाँ आपको ऐसी शायरी पढ़ने को मिलेगी, जो ज़िंदगी के अनुभवों, रिश्तों की सच्चाई और दिल में छिपे दर्द को खूबसूरती से बयां करती है। ❤️🩹 Life Kismat Shayari उन भावनाओं को समझने का एक खूबसूरत ज़रिया है, जिन्हें हम अक्सर चाहकर भी किसी से कह नहीं पाते। ऐसी ही भावनाओं को व्यक्त करने के लिए Bad Kismat Shayari आपके दिल के दर्द को अल्फ़ाज़ देने में मदद करती है। तो कभी सालों की उम्मीद भी अधूरी रह जाती है। Waqt Kismat Shayari के माध्यम से आप इन गहरे एहसासों को अपने शब्दों में बयां कर सकते हैं। अगर आप अपने दिल की बात हिंदी में कहना चाहते हैं, तो Kismat Shayari In Hindi के इस संग्रह में आपको नसीब, रिश्तों और ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव से जुड़ी शायरियाँ मिलेंगी।
Kismat Shayari

लकीरें हाथ में थीं, पर पढ़ना किसी को आया नहीं 🤲
मैं अपनी क़िस्मत से ही अनजान रह गया 🌙
जो मेरा था वो दूर बैठा मुस्कुराता रहा 🥀
और मैं क़िस्मत से सवाल करता रहा 💭
कुछ लोग मिलते हैं बस सबक़ देने के लिए 📖
क़िस्मत भी कभी-कभी टीचर बन जाती है 🍂
दरवाज़े बंद थे तो खिड़की से रोशनी आई 🪟
क़िस्मत ने रास्ता बदला, मंज़िल नहीं ✨
तेरा नाम किसी और की लकीर में लिखा था 💔
मेरी दुआओं में बस वही अधूरा रहा 🤍
क़िस्मत ने देर से दिया, पर ऐसा दिया 🌿
कि सारी शिकायतें चुप हो गईं 😊
जिसे चाहा वो मिला नहीं 🌧️
जो मिला उसे चाहना सीख रहा हूँ 🌼
सितारे गवाह हैं मेरी जद्दोजहद के ⭐
क़िस्मत भी एक दिन झुकेगी 🔥
कोई आहट नहीं, कोई वादा नहीं 🕊️
फिर भी क़िस्मत ने तुझे मेरे शहर भेज दिया 🌆
हाथ खाली है पर हौसला भरा है 💪
क़िस्मत वालों से ज़्यादा मेहनत वाले जीतते हैं 🏆
एक मोड़ पर तू मिला था बिना बताए 🛤️
क़िस्मत की यही अदा मुझे डराती भी है, लुभाती भी 🌙
नसीब का लिखा मिटता नहीं 🖋️
पर दुआओं की स्याही उसे बदल देती है 🤲
मैंने तुझे माँगा था रातों की ख़ामोशी में 🌌
शायद क़िस्मत ने सुना, पर देर से 🕰️
हार गया तो क़िस्मत को दोष दिया 😔
जीता तो समझ आया, वो साथ ही चल रही थी 🌈
कुछ चीज़ें छूटकर ही अपनी होती हैं 🍃
क़िस्मत बस वही लौटाती है 🤍
मेरे हिस्से की धूप कहीं और गिर रही थी ☀️
मैंने छाँव में बैठकर इंतज़ार किया 🌳
तेरी तस्वीर अब भी जेब में रखी है 📷
क़िस्मत से हारा हूँ, मोहब्बत से नहीं 💞
जो टूटा वो मेरा था ही नहीं 🪞
क़िस्मत ने बस भ्रम हटाया है 🌤️
वक़्त की नाव पर बैठा हूँ 🚣
क़िस्मत जिस किनारे ले जाए, वही घर है 🏡
हर ठोकर ने एक नया पता दिया 📍
क़िस्मत भटकाती नहीं, तराशती है 💎
Life Kismat Shayari

ज़िंदगी ने सिखाया बिना पूछे चलना 🚶
क़िस्मत हर कदम पर इम्तिहान लेती रही 📝
कभी माँ की गोद सबसे बड़ी क़िस्मत लगी 🤱
अब वही गोद सबसे बड़ा सपना है 🌙
ज़िंदगी एक किताब, क़िस्मत उसकी स्याही 📚
पन्ने मैं पलटता हूँ, कहानी वो लिखती है ✍️
सुबह की चाय और अपनों की हँसी ☕
इससे बड़ी क़िस्मत मैंने देखी नहीं 😊
जो खो दिया उसका हिसाब रखा 🧾
जो बचा है उसका शुक्र करना भूल गया 🙏
कुछ लोग आए और बिना शोर चले गए 🍂
ज़िंदगी की क़िस्मत में बस यादें बचीं 📸
मेरे सपनों का पता क़िस्मत को भी नहीं 🌠
मैं ख़ुद ही उसे लिखता चला जा रहा हूँ 🛣️
रेल की खिड़की से बाहर देखा, शहर पीछे छूटा 🚆
ज़िंदगी भी यूँ ही क़िस्मत के स्टेशन गिनती है 🌆
अधूरी ख़्वाहिशें तकिये के नीचे दबी हैं 🛏️
क़िस्मत रोज़ रात उन्हें थपकी देती है 🌌
जीना आसान नहीं था, फिर भी जिया 💫
शायद यही मेरी क़िस्मत की सबसे अच्छी बात है 🌿
ज़िंदगी में सबसे महँगा तोहफ़ा सुकून है 🕊️
क़िस्मत से मिले तो संभालकर रखना 🤍
पापा की ख़ामोश मेहनत देखी तो समझा 👨👧
क़िस्मत बनाने वाले हाथ कैसे दिखते हैं 🛠️
एक दिन सब ठीक होगा, ये यक़ीन ज़िंदा है 🌅
क़िस्मत भी इसी उम्मीद पर टिकी है ✨
पहले तक़दीर पर हँसता था 😅
अब हर बीते दिन को सलाम करता हूँ 🫡
शहर बदला, चेहरे बदले, पर माँ की दुआ वही रही 🌸
ज़िंदगी की असली क़िस्मत वही है 🤲
थककर बैठा तो ख़ुद से मुलाक़ात हुई 🪑
ज़िंदगी कभी-कभी रुककर ही मिलती है 🌼
किसी की क़िस्मत से जलन कैसी 🌹
मेरे हिस्से की बारिश भी अलग बरसेगी 🌧️
उलझी डोर को सुलझाने में उम्र गई 🧵
क़िस्मत मुस्कुराती रही पास खड़ी 😌
कल की फ़िक्र में आज खो रहा हूँ ⏳
क़िस्मत भी कहती है, अभी जी लो 🌻
ज़िंदगी कभी रुलाती है, कभी गले लगाती है 🤗
क़िस्मत बस दोनों का तालमेल है 🎶
Bad Kismat Shayari

हर बार मेरे नाम पर आकर ख़ुशी रुक जाती है 🚪
क़िस्मत ने शायद पता ग़लत लिखा है 📮
जिस डाल पर बैठा वही टूट गई 🥀
अब परिंदे से भी डर लगता है 🕊️
मेहनत की, दुआ की, फिर भी ख़ाली लौटा 😞
क़िस्मत क्या इतनी पत्थरदिल होती है 🪨
लोग कहते हैं वक़्त बदलेगा ⏰
मैं तो बस इतना जानता हूँ, आज भारी है 🌧️
जो चीज़ पास आई, छूते ही बिखर गई 🫧
मेरी क़िस्मत हाथों में रेत भर देती है ⏳
दूसरों की ख़ुशियाँ गिनते-गिनते थक गया 🎈
अपनी बारी का पर्चा अब तक आया नहीं 📜
काश क़िस्मत भी एक बार माफ़ी माँग लेती 🥺
मैं सारे ज़ख़्म भूल जाता 🩹
हँसी का नक़ाब पहनकर घर से निकलता हूँ 🎭
बुरी क़िस्मत का बोझ छुपाने के लिए 🎒
रास्ता सही था, मंज़िल मगर रूठ गई 🛣️
क़िस्मत ने चलने की सज़ा दे दी 💔
उम्मीद का दीया हर रात जलाता हूँ 🪔
और हर सुबह हवा उसे बुझा जाती है 🌬️
बदक़िस्मती ने इतना सिखा दिया 🍂
अब हार से भी डर नहीं लगता 🛡️
जिसे अपना समझा वो भी परायों-सा निकला 🥀
क़िस्मत की चाल समझ नहीं आती ♟️
मेरी दुआएँ रास्ते में कहीं खो गईं 📭
या क़िस्मत ने बीच में रोक लीं 🚫
सब कुछ ठीक चल रहा था, बस मैं ही बीच में आया 😔
शायद मेरी मौजूदगी ही क़िस्मत पर भारी है 🌑
टूटी चप्पल, फटा सपना, भीगा तकिया 🌃
ये मेरी क़िस्मत की पूरी कहानी है 📖
कितनी बार गिरा, गिनती याद नहीं 🩹
पर हर बार क़िस्मत ने ही हाथ छोड़ा 🤲
हर मोड़ पर एक नया नुक़सान मिला 🚧
क़िस्मत ने जैसे मुझसे बैर बाँध लिया 🌪️
ख़ुशी आई तो थी, दरवाज़े पर ठहरी भी 🚪
पर अंदर आने की हिम्मत उसे नहीं हुई 🥀
रब से शिकायत नहीं, बस थकान है 😶
बुरी क़िस्मत ने सब्र भी माँग लिया 🙏
आज फिर बिना वजह आँखें नम हैं 💧
क़िस्मत से पूछा तो वो भी चुप रही 🌫️
Kismat Shayari In Hindi

क़िस्मत वो किताब है जो हम रोज़ पढ़ते हैं 📖
मगर आख़िरी पन्ना कभी नहीं देख पाते 🌌
मन में बसी बात होंठों तक आई नहीं 🤐
शायद क़िस्मत को ख़ामोशी पसंद थी 🌙
जो मेरा होकर भी मेरा न हुआ 💔
उसी का नाम क़िस्मत रख दिया 🥀
सूरज रोज़ निकलता है मेरे आँगन में भी ☀️
बस क़िस्मत की बारी का इंतज़ार है 🌻
उसने पलटकर देखा नहीं, मैं रुका रहा 🚶
क़िस्मत ने दोनों को दो रास्ते दिए 🛤️
दिल की गली में एक चेहरा अब भी बसता है 🏚️
क़िस्मत ने बस ताला लगा दिया 🔒
नसीब से लड़ने की ताक़त माँगी थी 💪
रब ने सब्र दे दिया, शायद वही बेहतर था 🤲
आईने में ख़ुद को देखा तो हँस पड़ा 🪞
क़िस्मत की मार भी चेहरे पर चमक छोड़ जाती है 😌
कुछ बातें क़िस्मत पर छोड़ देना बेहतर है 🍃
हर चीज़ पकड़कर रखने से हथेली दुखती है 🤍
तेरे जाने के बाद भी वही शहर, वही सड़क 🌆
बस क़िस्मत की धुन बदल गई 🎵
मैंने तुझसे कभी कुछ माँगा नहीं 🌿
फिर भी क़िस्मत ने तुझे वापस माँग लिया 🥺
माँ कहती है देर है, अंधेर नहीं 🪔
इसी भरोसे आज भी जी रहा हूँ 🌅
ख़्वाब अधूरे सही, नींद पूरी है 😴
क़िस्मत अब कम सताती है, या मैं आदी हो गया 🌙
ग़म ने भी मुझसे दोस्ती कर ली है 🤝
क़िस्मत का इतना तो एहसान है 🍂
कितनी रातें जागकर तुझे माँगा 🌌
पर क़िस्मत ने सोने का हुक्म दे दिया 💤
हाथों की लकीरों से बहस मत करना 🖐️
वो चुपचाप अपना काम करती रहती हैं ✨
जिसे पाने की ज़िद थी, वो पास भी आया 🌹
पर तब तक मैं बदल चुका था 🍁
बिना किसी वजह के कोई अपना बन गया 🕊️
शायद क़िस्मत ने कहीं पहले से लिखा था 📜
शुक्र है कि सब कुछ मिला नहीं 😌
वरना क़िस्मत से माँगने का हुनर न आता 🤲
तेरी यादें अब आदत सी बन गई हैं 🌫️
क़िस्मत ने जैसे सज़ा को तोहफ़ा बना दिया 🎁
Waqt Kismat Shayari

वक़्त ने जो छीना, क़िस्मत ने लौटाया नहीं ⏳
शायद कुछ क़र्ज़ बाक़ी रह गए थे 🍂
घड़ी की सुइयाँ चलती रहीं, मैं ठहरा रहा 🕰️
वक़्त आगे निकल गया, क़िस्मत पीछे खड़ी रही 🚶
बुरा वक़्त भी एक अच्छा शिक्षक है 📚
फ़ीस ज़रा ज़्यादा लेता है 🥀
वक़्त बदलता है, ये सुना था 🌅
आज देखा, मेरी क़िस्मत भी करवट ले रही है ✨
जो वक़्त रहते नहीं कहा, वही चुभता रहा 🌙
क़िस्मत ने दूसरा मौक़ा नहीं दिया 💔
वक़्त के हाथ में सबका इलाज है 🩹
बस इंतज़ार की दवा कड़वी होती है 🍃
तेरे साथ बीता वक़्त सबसे सस्ता लगा था 😔
आज वही सबसे महँगी याद है 📸
वक़्त की चाल धीमी है, पर चाल पक्की है ♟️
क़िस्मत भी उसी के पीछे चलती है 🌿
कल जिसके पास वक़्त नहीं था 🕊️
आज वही मेरे दरवाज़े पर इंतज़ार कर रहा है 🚪
वक़्त और क़िस्मत में बस इतना रिश्ता है 🤝
एक रुकता नहीं, दूसरी बताती नहीं ⏰
बरसों बाद पुरानी तस्वीर मिली 🖼️
वक़्त मुस्कुराया, क़िस्मत ने आँखें चुरा लीं 🌫️
सब्र रखना, वक़्त अभी कच्चा है 🍃
पकेगा तो मीठा फल देगा 🍎
वक़्त ने चेहरे बदले, नाम नहीं 🥀
मेरी क़िस्मत में आज भी वही पुराना नाम है 💞
थोड़ा वक़्त दो, सब सुलझ जाएगा 🧵
क़िस्मत की उलझन भी धीरे-धीरे खुलती है ✨
वक़्त पर जो आया, वही अपना निकला 🤲
बाक़ी तो मौसम की तरह गुज़रे 🌦️
एक वक़्त था जब तुझसे बात करना क़िस्मत थी 📞
अब तेरा नाम सुनना भी इत्तिफ़ाक़ है 🍂
वक़्त के आगे सब झुकते हैं 🌅
मैंने भी झुककर उसका हुक्म मान लिया 🙏
जो पल बीत गया वो लौटेगा नहीं 🕰️
क़िस्मत ने बस यादें थमा दीं 📖
घड़ी रुक जाए तो भी वक़्त नहीं रुकता ⏳
मेरी क़िस्मत की तरह, बस चलता जाता है 🚶
सबसे अच्छा वक़्त वो है जो अभी चल रहा है 🌼
क़िस्मत उसे पहचानने में देर लगाती है 😌
Kismat Shayari 2 Lines In Hindi

क़िस्मत में तू नहीं था, ये मान लिया 🥀
पर दुआओं में आज भी तू ही है 🤲
हार मान ली थी क़िस्मत के आगे 😔
फिर किसी ने कहा, एक बार और कोशिश कर 🔥
मेरे हिस्से की ख़ुशी कहाँ छुपी है 🌸
ढूँढ रहा हूँ हर गली हर मोड़ पर 🛤️
क़िस्मत से माँगा नहीं, मेहनत से छीना है 💪
इसीलिए जीत का स्वाद अलग है 🏆
तेरी ख़ामोशी ने भी बहुत कुछ कहा 🌙
क़िस्मत ने सुना, पर मुँह मोड़ लिया 💔
काग़ज़ की नाव और लहरों से यारी ⛵
क़िस्मत की मर्ज़ी हो तो पार लग जाए 🌊
हाथ पकड़ा था तो साथ निभाना था 🤝
क़िस्मत से पहले तुम ही छोड़ गए 🍂
दुनिया को पता नहीं मैंने क्या खोया 🌫️
क़िस्मत को सब पता है, वो चुप है 🤐
मिलना तय था तो मिल ही गए 🌿
बिछड़ना भी शायद लिखा था 🥀
सपनों के पीछे दौड़ता रहा उम्र भर 🌠
क़िस्मत ने बस पास आने का इशारा किया ✨
जिसे खोकर रोया, वही बेहतर सबक़ बना 📖
क़िस्मत ऐसे ही तोहफ़े भेस बदलकर देती है 🎁
तक़दीर लिखी जा चुकी है, पर हौसला नहीं 🖋️
उसे तो हर सुबह नई स्याही मिलती है 🌅
चाँद भी अकेला है आसमान में 🌕
फिर मेरी क़िस्मत से शिकायत कैसी 🌌
कोई दूर रहकर भी दिल के पास है 💞
इसे ही शायद क़िस्मत कहते हैं 🤍
आज थोड़ा रो लिया, अच्छा लगा 💧
क़िस्मत भी कभी-कभी सहारा देती है 🍃
रास्ते अलग थे, पर मंज़िल एक थी 🛣️
क़िस्मत ने बीच में मोड़ रख दिया 🚧
जो मेरे नसीब में नहीं, वो मुझसे दूर ही भला 🌼
वरना दिल हर रोज़ टूटता 💔
बारिश में भीगना क़िस्मत की मर्ज़ी थी 🌧️
पर छतरी देना तेरा फ़ैसला था ☂️
बुरा वक़्त आया तो कई चेहरे उतर गए 🎭
क़िस्मत ने असली अपने पहचान करा दिए 🤲
मैं ख़ुश हूँ, बस वजह थोड़ी बदल गई 😊
क़िस्मत ने रास्ता नहीं, नज़र बदली है 👀
उसके नाम की चिट्ठी आज भी रखी है 💌
क़िस्मत ने डाकिया ही बदल दिया 📮
Motivational Life Kismat Shayari

क़िस्मत इंतज़ार करती है उन हाथों का 🔥
जो हार के बाद भी रुकते नहीं 💪
गिरकर उठना ही असली जीत है 🌱
क़िस्मत तब सलाम करती है 🫡
मंज़िल दूर है तो क्या, क़दम तो अपने हैं 👣
क़िस्मत भी उसी का साथ देती है जो चलता है 🛤️
अँधेरा गहरा है तो सुबह क़रीब है 🌅
बस दीया बुझने मत देना 🪔
लकीरों में नहीं लिखा तो क्या हुआ ✍️
मैं अपनी राह ख़ुद बना लूँगा 🌄
लोग हँसे तो और मेहनत की 😤
आज वही लोग मेरी क़िस्मत पर बात करते हैं 🏆
हर नाकामी एक नई सीढ़ी है 🪜
बस ऊपर देखना मत छोड़ना ✨
शिकायत छोड़, काम पकड़ 🛠️
क़िस्मत भी शर्मिंदा होकर साथ आएगी 🌿
जो रात को जागकर सपने सींचता है 🌙
सुबह उसी की क़िस्मत खिलती है 🌻
पत्थर पर भी घास उगती है 🌱
तू तो इंसान है, हार मत मान 💫
छोटे क़दम भी पहाड़ चढ़ जाते हैं ⛰️
बस रुकना मत, क़िस्मत इंतज़ार में है 🔥
आज की मेहनत कल की पहचान बनेगी 🌟
क़िस्मत वही लिखती है जो तू करता है 📖
ख़ुद पर यक़ीन रख, बाक़ी रब सँभाल लेगा 🤲
क़िस्मत भी तेरा ही साथ निभाएगी 🌈
ठोकरें सिर्फ़ इसलिए मिलती हैं 🌪️
कि मज़बूती से खड़ा होना आ जाए 💪
सपने बड़े हों तो नींद कम पड़ती है 🌌
पर सुबह की जीत सब भुला देती है 🏆
मत देख कि कितने आगे निकल गए 🏃
तेरी क़िस्मत तेरी रफ़्तार से चलती है 🌿
टूटना बुरा नहीं, बिखरे रहना बुरा है 🧩
जोड़ ले ख़ुद को, तक़दीर बदल जाएगी ✨
हौसले की एक चिंगारी काफ़ी है 🔥
क़िस्मत की सारी राख जल जाएगी 🌋
जो आज सहा, वो कल की कहानी है 📖
उसे ऐसे लिख कि लोग सीखें 🖋️
तू अकेला नहीं, तेरा हौसला साथ है 🦁
क़िस्मत बस मौक़ा देखकर आती है 🌅
Dua Kismat Shayari

या रब, मेरी क़िस्मत में सुकून लिख दे 🤲
बाक़ी जो चाहे, तू आज़मा ले 🌙
माँ की एक दुआ सारी लकीरें बदल देती है 🌸
मैंने अपनी आँखों से देखा है 🙏
हाथ उठाए तो आँखें भर आईं 💧
दुआ कहने से पहले ही रब ने सुन ली 🕊️
तू जिसे मेरी क़िस्मत में लिखे 🌿
बस उसे सँभालने की ताक़त भी दे देना 🤍
सजदे में आज बहुत देर रुका 🕌
दिल हल्का हुआ, क़िस्मत से गिला भी गया 🌤️
दुआओं का असर देर से दिखता है ⏳
पर जब दिखता है तो सब भुला देता है ✨
अगर वो मेरा नहीं तो उसे ख़ुश रखना 🌹
मेरी दुआ में बस इतनी सी जगह है 🥀
हर रात एक ही नाम पर आमीन कहता हूँ 🌙
क़िस्मत को भी सुनना पड़ेगा एक दिन 🤲
ना दौलत माँगी, ना शोहरत 🕊️
बस अपनों की सलामती माँगी रब से 🏡
मेरे हिस्से के आँसू भी तू क़ुबूल कर 💧
और उनके बदले एक मुस्कान दे दे 😊
दुआओं ने हर बार थाम लिया 🤝
जब क़िस्मत ने हाथ छोड़ा 🌿
सजदा लंबा हो गया, शिकवे छोटे पड़ गए 🕋
रब ने बिना कहे सब समझ लिया 🌸
तुझसे बस इतना माँगता हूँ ऐ ख़ुदा 🤲
मेरी क़िस्मत में कोई अकेला न रहे 🌼
पापा की ख़ामोश दुआएँ अक्सर दिखती नहीं 👨👧
पर हर मुश्किल से पहले वही खड़ी होती हैं 🛡️
एक दिन मेरी भी दुआ क़ुबूल होगी 🌅
इसी यक़ीन पर हर रात जागता हूँ 🌌
क़िस्मत में जो भी हो, शुक्र रहेगा 🙏
बस रब, साथ मत छोड़ना 🤍
दुआ में कोई शब्द नहीं थे 🥺
सिर्फ़ आँसू थे, और वही काफ़ी थे 💧
जिन्हें खो दिया उनके लिए भी दुआ है 🕊️
वो जहाँ हों, ख़ुश रहें 🌼
मन्नत का धागा आज भी बँधा है 🧵
क़िस्मत से ज़्यादा उस पर भरोसा है 🌟
सब्र दे, यक़ीन दे, और थोड़ी सी रोशनी दे 🪔
बाक़ी क़िस्मत मैं ख़ुद लिख लूँगा 🖋️
Family Bad Kismat Shayari

घर की दीवारें सब जानती हैं 🏚️
कौन किसके लिए रात भर रोया 🌙
पापा की जेब ख़ाली थी, पर हँसी भरी थी 👨👧
ये क़िस्मत की सबसे अजीब मार थी 🥀
माँ ने थाली में रोटी कम रखी 🍞
ख़ुद के हिस्से का सब हमें दे दिया 🤱
भाई बिछड़ा तो घर वीरान हो गया 💔
क़िस्मत ने आँगन का शोर छीन लिया 🏠
रिश्ते वही थे, पर दिल बदल गए 🍂
बुरी क़िस्मत ने अपनों को दूर कर दिया 🌫️
बहन की शादी में कमी रह गई 👰
पापा की आँखें सब कह गईं 💧
त्योहार आए, पर रौनक नहीं लौटी 🪔
ख़ाली कुर्सी की क़िस्मत बहुत भारी है 🪑
घर के हालात ने बचपन जल्दी बड़ा कर दिया 🧒
खिलौने छोड़कर ज़िम्मेदारी उठा ली 🎒
दादी की दुआएँ अब भी साथ हैं 🌸
बस उनका हाथ सिर पर नहीं रहा 🥺
हम कुछ कह नहीं पाए, वो कुछ सुन नहीं पाए 🤐
घर की क़िस्मत इसी चुप्पी में बँट गई 🏚️
माँ-बाप ने अपने सपने बेचकर हमें पढ़ाया 📚
और क़िस्मत ने फिर भी इम्तिहान लिया 😔
एक छत के नीचे चार लोग, चार दुनिया 🏡
बुरी क़िस्मत ने रिश्तों में दीवार खींच दी 🧱
पापा के कंधे झुक गए बोझ ढोते-ढोते 👨👦
फिर भी उन्होंने क़िस्मत से शिकायत नहीं की 🌿
परदेस में बैठा बेटा हर रात रोता है 🌃
घर की क़िस्मत में बस फ़ोन की घंटी है 📞
बँटवारे में ज़मीन बँटी, दिल भी बँट गए 💔
क़िस्मत हँसती रही, हम रोते रहे 🥀
माँ बीमार थी, और मैं दूर था 🏥
ये सज़ा मेरी बुरी क़िस्मत ने दी 🌧️
छोटी बहन की हँसी ही घर की रौनक थी 🌼
अब वही चुप है, क़िस्मत ने क्या छीना 🥺
मुश्किल घड़ी में जो अपने थे, वो नज़र नहीं आए 🌫️
क़िस्मत ने रिश्तों का चेहरा दिखा दिया 🎭
घर लौटा तो सब कुछ बदला मिला 🚪
सिर्फ़ माँ की आँखों का इंतज़ार वही था 🤍
परिवार की ख़ातिर ख़ुद को भूल गया 🕯️
क़िस्मत ने मुझे बस कुर्बानी का नाम दिया 🥀
Love Kismat Shayari

तू मेरी क़िस्मत में नहीं, ये जानता हूँ 💔
फिर भी हर दुआ में तेरा ही नाम आता है 🤲
इश्क़ क़िस्मत वालों को ही मिलता है 🌹
या शायद मिलकर क़िस्मत बन जाता है ✨
तेरे बिना भी दिन गुज़र ही जाते हैं 🌆
बस उन दिनों में रौनक नहीं होती 🥀
उसने कहा क़िस्मत में नहीं था 🌙
मैंने कहा, फिर भी तू मेरी ज़रूरत था 🤍
चुपके से तुझे देखा करता था 👀
क़िस्मत ने बस इतना ही हक़ दिया 🌸
तेरी हँसी किसी और के हिस्से आई 😊
मैंने दूर से ही उसे अपना मान लिया 💞
जो इश्क़ कह न सका वो क़िस्मत ने कह दिया 🕊️
बिछड़ते वक़्त तेरी आँखें सब बोल गईं 💧
दो दिलों के बीच कोई शहर नहीं था 🌍
बस क़िस्मत की एक लंबी ख़ामोशी थी 🌫️
तू मिला तो लगा क़िस्मत मेहरबान है 🌟
तू गया तो समझा, वो बस मेहमान थी 🍂
तेरे नाम की चाय आज भी बनती है ☕
क़िस्मत ने बस प्याला ख़ाली रखा 🥺
इश्क़ में क़िस्मत नहीं, यक़ीन चलता है 🌿
इसीलिए आज भी तेरा इंतज़ार है ⏳
तेरी तस्वीर देखकर मुस्कुरा देता हूँ 📷
क़िस्मत से शिकायत फिर कहीं खो जाती है 🌼
दूर रहकर भी हम पास हैं 🌌
ये क़िस्मत की सबसे प्यारी साज़िश है 💫
पहली बारिश में तेरा चेहरा याद आया 🌧️
और भीगते हुए क़िस्मत भी मुस्कुरा उठी ☔
उसकी पसंद मैं नहीं था 🥀
पर मेरी हर पसंद में वही था 💞
मिलने का वादा क़िस्मत ने तोड़ दिया 💔
पर इंतज़ार का रिश्ता मैंने निभाया 🕰️
कभी तू भी मेरी तरह तन्हा बैठेगा 🌙
तब क़िस्मत तुझे मेरी याद दिलाएगी 🍃
तुझसे मोहब्बत थी, इसमें क़िस्मत का दोष नहीं ❤️
ग़लती बस इतनी है कि मैंने कहा नहीं 🤐
हाथ में हाथ नहीं, पर दुआ साथ है 🤲
शायद यही मेरी इश्क़ की क़िस्मत है 🌹
तेरे बिना जीना सीख लिया है 🌿
पर तुझे चाहना क़िस्मत ने नहीं सिखाया, मैंने ख़ुद चुना 💖
Dukh Bhari Dard Kismat Naseeb Shayari

नसीब ने रुलाया इतना कि आँसू भी थक गए 💧
अब आँखें सूखी हैं, दिल भीगा है 🌫️
दर्द को हँसी के पीछे छुपा लिया 🎭
किसी ने पूछा नहीं, हमने बताया नहीं 🥀
जो बात दिल में थी वो क़िस्मत ने सुन ली 🌙
पर जवाब में बस ख़ामोशी भेज दी 🤐
रात भर तकिया गवाह बना 🛏️
सुबह फिर नसीब से पर्दा कर लिया 💔
ज़ख़्म पुराने हैं पर दर्द आज भी ताज़ा है 🩹
नसीब ने मरहम देना सीखा ही नहीं 🍂
सब कुछ पाकर भी कुछ अधूरा रहा 🌌
शायद यही मेरे नसीब का दस्तूर है 🥺
किससे कहूँ अपने दिल की बात 🕯️
सब अपने ग़म में डूबे बैठे हैं 🌧️
तन्हाई अब दोस्त बन गई है 🌙
नसीब ने इतना तो साथ निभाया 🤝
वक़्त ने ज़ख़्म दिए, नसीब ने नमक छिड़का 🧂
फिर भी मुस्कुराना पड़ा दुनिया के लिए 😔
मेरे हिस्से का दर्द बहुत वफ़ादार निकला 🥀
जहाँ गया, साथ चलता रहा 🚶
वो हँसकर मिला और रुलाकर चला गया 💔
नसीब का ये खेल समझ नहीं आया 🎲
दिल की बस्ती उजड़ गई 🏚️
नसीब ने ईंटें भी साथ ले लीं 🍃
कभी चाँद से बात करता हूँ रात को 🌕
वो भी मेरे नसीब पर चुप रह जाता है 🌌
हर ग़म के बाद एक सुकून माँगा था 🤲
नसीब ने एक और ग़म थमा दिया 🥺
चेहरा मुस्कुराता है, आँखें सब बता देती हैं 👀
नसीब छुपाने में हम माहिर नहीं 💧
अपनों ने ही दर्द की वजह बनाई 🥀
नसीब ने फिर भी उन्हें माफ़ करना सिखाया 🕊️
बहुत दूर निकल आया हूँ दर्द से भागते हुए 🌫️
नसीब हर मोड़ पर पहले से खड़ा मिला 🛤️
ख़ामोश रहना अब आदत बन गई 🤐
क्योंकि बोलने पर नसीब और रुलाता है 🌧️
एक दिन ये दर्द भी कहानी बनेगा 📖
तब नसीब पर हँसना आसान होगा 🌅
आँसू गिरा तो समझा कि दिल अभी ज़िंदा है 💧
नसीब से इतनी ही उम्मीद बची है 🌿
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निष्कर्ष
तो दोस्तों! उम्मीद है कि इस पोस्ट में दी गई Kismat Shayari आपको पसंद आई होगी और आपको अपने दिल के एहसासों को शब्दों में बयां करने का एक खूबसूरत तरीका मिला होगा। यहाँ मौजूद Life Kismat Shayari और Bad Kismat Shayari के ज़रिए आप अपने जज़्बातों को बेहतर ढंग से व्यक्त कर सकते हैं। कभी-कभी कुछ पंक्तियाँ वही बात कह जाती हैं, जिसे हम लंबे समय तक अपने दिल में दबाकर रखते हैं। इसलिए Kismat Shayari In Hindi पढ़िए, अपने एहसासों से जुड़िए और उन शब्दों को चुनिए, जो आपके दिल की सच्ची आवाज़ बन सकें।
ऐसी ही दिल को छू लेने वाली शायरियाँ दोबारा पढ़ने के लिए Shayariframe.com पर आना न भूलें।