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160+ Dussehra Shayari: बेहतरीन दशहरा शायरी और शुभकामनाएँ

दशहरा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमें यह याद दिलाने का अवसर है कि जीवन में कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएँ, सच्चाई और अच्छे कर्मों का रास्ता हमेशा महत्वपूर्ण होता है। अगर आप भी इस खास दिन को अपने दोस्तों, परिवार और प्रियजनों के लिए यादगार बनाना चाहते हैं, तो यहाँ दी गई Dussehra Shayari आपके लिए बेहद खास हो सकती है। ऐसे में Dussehra Shayari In Hindi आपके जज़्बातों को एक नया अंदाज़ दे सकती है। बल्कि पढ़ने वाले के चेहरे पर मुस्कान भी लाएँ, तो अपनी पसंद की शायरी चुनें और उसे दिल से साझा करें। Happy Dussehra Shayari के साथ अपने करीबियों को त्योहार की बधाई दें या Dussehra Shayari Love के जरिए अपने रिश्ते में प्यार और अपनापन बढ़ाएँ। इस खास संग्रह में आपको ऐसे खूबसूरत शब्द मिलेंगे, जो दशहरे की खुशियों, अच्छाई की जीत और अपनों के प्रति आपके प्यार को बखूबी बयां करेंगे।

Dussehra Shayari 

Dussehra Shayari 

जलते रावण की लपटों में आज वो सब जल जाए,
जो तेरे मेरे बीच कभी अनकहा रह गया। 🔥

मेले की भीड़ में हर चेहरा देखा मैंने,
बस वो एक चेहरा नहीं दिखा जिसे ढूंढने आया था। 🎡

दशहरे की शाम आज भी वहीं खड़ा हूँ,
जहाँ तुमने कहा था, “थोड़ी देर में आती हूँ।” 🌆

बुराई तो हर साल जल जाती है,
काश तेरी यादें भी राख हो पातीं। 🕯️

धनुष तो राम ने उठाया था,
हिम्मत मैं भी जुटा रहा हूँ, बस तुमसे कहने की। 🏹

आतिशबाज़ी से आसमान रोशन है,
पर मेरे भीतर आज भी तेरी कमी का अँधेरा है। 🎆

जलेबी की मिठास भी फीकी लगी इस बार,
तुम साथ होते तो चाशनी भी कम पड़ जाती। 🍯

सच की जीत पर यक़ीन है मुझे,
इसीलिए तेरे लौट आने का इंतज़ार अब तक है। 🙏

हर साल एक रावण जलता है मैदान में,
इस बार मैंने अपने अहंकार को जलाया है। 🔥

छत से मेला देखती थीं तुम,
आज उसी छत पर बैठकर मैं तुम्हें देखता हूँ यादों में। 🌙

रात गहरी है, पटाखों की गूँज भी है,
फिर भी दिल में एक सन्नाटा ठहरा हुआ है। 🌌

विजयादशमी पर बस इतनी दुआ है,
जो तुम्हारे दिल में है, वो मेरे नसीब में भी हो। 🤲

पापा के कंधे पर बैठकर रावण देखा था,
अब वही कंधे याद आते हैं हर दशहरे पर। 🥹

उम्मीद का दीया जलाए रखना,
हर अँधेरी रात के बाद सुबह ज़रूर आती है। 🪔

तुम्हारे बिना हर त्योहार अधूरा-सा है,
रौनक तो बहुत है, बस तुम्हारी हँसी नहीं है। 🎭

मन के रावण से लड़ना सबसे कठिन है,
बाहर के दुश्मन तो एक तीर में गिर जाते हैं। 🏹

भीड़ में हाथ छूटा था उस दशहरे पर,
आज तक उंगलियाँ वो गर्माहट ढूंढती हैं। ✋

आज चुपचाप तेरे नाम का एक दीया रख आया,
तुझे पता भी नहीं चलेगा, और मेरा त्योहार हो जाएगा। 🪔

जीत उसी की होती है जो टूटकर भी सच के साथ खड़ा रहे,
राम की कहानी यही तो सिखाती है। 🌿

नए कपड़े, मिठाई, मेला, सब है यहाँ,
बस वो पुराना वाला दशहरा कहीं खो गया। 🧵

Dussehra Shayari In Hindi

Dussehra Shayari In Hindi

धुआँ उठा तो लगा, कोई पुराना ग़म विदा हुआ,
पर दिल ने कहा, कुछ यादें अब भी साथ हैं। 💨

हर बार सोचता हूँ तुमसे कह दूँ,
और हर बार रावण की तरह हिम्मत जल जाती है। 🔥

तेरी याद का मेला रोज़ लगता है भीतर,
दशहरा तो बस साल में एक बार आता है। 🎪

आज राम के नाम की रोशनी है हर तरफ,
मेरे हिस्से की रोशनी कहीं तुम्हारे पास रह गई। ✨

बच्चों की हँसी में रावण भी मुस्कुरा उठा,
शायद जलने से पहले उसे भी बचपन याद आया। 👧

कुछ लोग त्योहार की तरह आते हैं ज़िंदगी में,
रंग भर जाते हैं, और फिर चले जाते हैं। 🌈

मैदान में भीड़ थी, आँखों में नमी थी,
रावण जल रहा था, और मैं बस तुम्हें सोच रहा था। 🌫️

सच का रास्ता लंबा ज़रूर है,
पर मंज़िल पर हमेशा उजाला ही मिलता है। 🛤️

माँ ने तिलक लगाया तो लगा,
सारी बलाएँ इसी माथे से टकराकर लौट गईं। 🙏

मेरे भीतर भी एक रावण है ज़िद का,
इस दशहरे उसे जलाने की कोशिश करूँगा। 🔥

तुम्हारा नाम लिए बिना भी दिन गुज़रता है,
पर शाम होते ही दिल बेचैन हो जाता है। 🌇

पटाखों के शोर में दबा दी अपनी चुप्पी,
किसी ने नहीं सुना कि दिल क्या कह रहा था। 🔇

जो हारकर भी सच्चा रहा, वही असली विजेता है,
दशहरा बस यही याद दिलाता है। 🏆

पुराने मेले की एक टूटी चूड़ी अब भी रखी है,
उसमें तुम्हारी हँसी की खनक बाकी है। 💫

इस बार किसी से शिकायत नहीं करूँगा,
दशहरे पर माफ़ करना ही सबसे बड़ी जीत है। 🤝

घर लौटते वक़्त हर मोड़ पर तेरी कमी खली,
रास्ता वही था, साथ बदल गया था। 🚶

रावण के दस सिर गिनते रहे सब,
किसी ने अपने भीतर के सिर नहीं गिने। 🧠

हल्की ठंड, मेले की रौनक और एक अधूरी बात,
दशहरे की शाम ऐसी ही होती है। 🍂

मंज़िल दूर सही, पर नीयत साफ़ हो तो,
हर रास्ता राम के रास्ते जैसा हो जाता है। 🌄

जलती लपटों में एक चेहरा दिखा,
शायद वो मेरा ही कोई पुराना डर था। 🔥

Happy Dussehra Shayari

Happy Dussehra Shayari

इस दशहरे आपके घर में खुशियों की रोशनी उतरे,
और हर दुख दरवाज़े से ही लौट जाए। 🏡

आपकी हर मुश्किल का रावण आज जल जाए,
और नई उम्मीद का सवेरा आपके नाम हो। 🌅

मिठाई की मिठास रिश्तों में घुल जाए,
दशहरे की यही सबसे प्यारी सौग़ात है। 🍬

राम की मर्यादा आपके कर्म में बसे,
और विजय आपके हर क़दम को चूमे। 🏹

जिन्हें दिल से याद करते हैं, उन्हें आज बताना ज़रूरी है,
त्योहार दूरी मिटाने के लिए ही तो होते हैं। 📞

आपका हर सपना इस साल सच के साथ खड़ा हो,
और झूठ की सारी दीवारें गिर जाएँ। 🌟

दशहरे की भीड़ में अपनों का हाथ थामे रखना,
यही असली पूँजी है, बाकी सब मेला है। 🤲

दुआ है कि इस विजयादशमी,
आपकी थकान को आराम और मेहनत को मुकाम मिले। 🌸

जो रिश्ते बरसों से चुप हैं, आज उनसे बात कीजिए,
एक संदेश भी पुराना दशहरा लौटा सकता है। 💌

नफ़रत की लंका जलाकर प्यार की अयोध्या बसाइए,
इस दशहरे यही संकल्प लीजिए। 🕊️

आपके आँगन में हँसी की फुलझड़ियाँ जलती रहें,
और चेहरे की मुस्कान कभी बुझे नहीं। 🎇

बीता साल जैसा भी रहा, उसे धन्यवाद कहिए,
नया साल इसी दशहरे की रोशनी से शुरू कीजिए। 🪔

माँ-पापा के चरणों में आज सिर झुकाइए,
असली आशीर्वाद का मेला वहीं लगता है। 🙏

हिम्मत रखिए, हर रावण का अंत तय है,
बस आपका इरादा राम जैसा अडिग रहे। 💪

आपके हर अच्छे काम को उसकी मंज़िल मिले,
और हर कोशिश को सही दिशा। 🧭

शुभ दशहरा उन दोस्तों को भी, जो दूर हैं पर दिल में हैं,
त्योहार की रौनक आपसे ही तो है। 🫶

पुरानी कड़वाहट आज रावण के साथ जला दीजिए,
और हल्के मन से नई शुरुआत कीजिए। 🌿

आपकी ज़िंदगी में हमेशा सच की जीत हो,
और अपनों का साथ हर मोड़ पर मिले। 🌼

इस दशहरे आपकी झोली में ऐसी खबर आए,
जिसका इंतज़ार आपने चुपचाप बरसों तक किया हो। 🎁

दशहरा मुबारक हो, मेरे हर उस अपने को,
जिसने मुश्किल वक़्त में बिना कहे साथ दिया। 🤍

Dussehra Shayari Love

Dussehra Shayari Love

तुम्हें देखे बिना ये मेला भी वीरान लगता है,
भीड़ बहुत है, पर कोई अपना नहीं दिखता। 💔

रावण जलता रहा, और मैं तुम्हें ताकता रहा,
तुम्हें ख़बर ही नहीं कि मेरा त्योहार तुम हो। ❤️

तुमसे कहने को एक बात बरसों से रखी है,
हर दशहरे सोचता हूँ, शायद इस बार कह दूँ। 💭

उस दिन तुम्हारी चुनरी हवा में उड़ी थी,
तबसे हर दशहरा मुझे वही शाम याद दिलाता है। 🌬️

पास होकर भी तुम पराई-सी लगीं,
मेले में अकेले होने का मतलब उसी दिन समझा। 🥀

तुम्हारे नाम की एक फुलझड़ी जलाई छुपकर,
उसकी रोशनी में बस तुम्हारा चेहरा दिखा। 🎇

इश्क़ भी रावण जैसा निकला मेरा,
जलकर भी पूरी तरह राख नहीं होता। 🔥

तुम दूर हो इस दशहरे, पर दुआओं में पास हो,
मेरी हर विजय में तुम्हारा ही नाम छुपा है। 🙏

चुपचाप चाहना भी एक त्योहार है,
जिसमें न रोशनी दिखती है, न शोर होता है। 🕯️

तुम्हारे साथ बिताई वो भीड़ वाली शाम,
मेरी ज़िंदगी का सबसे शांत पल थी। 🌆

सोचा था रावण के साथ तुम्हारी याद भी जला दूँगा,
पर ये आग तो मुझे ही जलाने लगी। 🥹

एक नज़र की ख़ातिर पूरा मेला घूम लिया,
तुम नहीं मिलीं, पर इंतज़ार अच्छा लगा। 👀

तुम मेरा वो अधूरा वाक्य हो,
जिसे दशहरे की हर रात पूरा करता हूँ ख़ामोशी में। ✍️

सारे शहर में रोशनी है,
पर मेरी आँखों को सिर्फ़ तुम्हारे दीये की तलाश है। 🪔

तुम्हें भूलने की कसम खाई थी इस बार,
दशहरे की शाम ने फिर कमज़ोर कर दिया। 🌙

जो कभी कह नहीं पाया, वो इन पटाखों के शोर में,
आज धीरे से हवा में छोड़ दिया तुम्हारे नाम। 💌

दिल का रावण हार मानता नहीं,
हर साल तेरी चाहत फिर से ज़िंदा हो जाती है। ❤️‍🔥

तुम साथ हो तो सादा दशहरा भी दिवाली लगता है,
तुम न हो तो दिवाली भी सूना त्योहार है। ✨

हाथ में प्रसाद, आँखों में तुम्हारा इंतज़ार,
मन्नत भी माँगी तो बस तुम्हारे लौटने की। 🤲

प्यार सच्चा हो तो राम की तरह धैर्य रखता है,
मैं भी बरसों से वही धैर्य ओढ़े बैठा हूँ। 🌿

Happy Dussehra Shayari Hindi

Happy Dussehra Shayari Hindi

विजयादशमी की सुबह नई उम्मीद लेकर आए,
और बीते दर्द को चुपके से विदा कर जाए। 🌄

आपके जीवन से हर अँधेरा वैसे ही मिटे,
जैसे सूरज के आगे कोहरा सिमट जाता है। ☀️

सच की राह पर चलते रहिए बिना रुके,
थकान आएगी, पर जीत भी वहीं आपका इंतज़ार करेगी। 🏹

आज के दिन किसी रूठे को मना लीजिए,
सबसे बड़ा रावण तो अहंकार ही है। 🤝

घर में पकवान की ख़ुशबू और अपनों की हँसी रहे,
दशहरा बस इतने में ही पूरा हो जाता है। 🍛

आपके हौसले को कोई रावण रोक न पाए,
हर बाधा आपके सामने छोटी पड़ जाए। 💫

जिसने मुश्किल में भी मर्यादा नहीं छोड़ी,
उसे दशहरे की सबसे ऊँची शुभकामना। 🙏

मन की लंका में जो भी बुराई छुपी हो,
आज उसे राम के नाम की आग में जला दीजिए। 🔥

आपके माथे का तिलक सदा सौभाग्य जगाए,
और हर क़दम पर सफलता मुस्कुराए। 🌺

नयी शुरुआत के लिए कोई मुहूर्त नहीं चाहिए,
पर विजयादशमी से बेहतर दिन भी कहाँ मिलेगा। 🪷

दूर बैठे अपनों को आज एक आवाज़ ज़रूर दीजिए,
त्योहार की असली रौनक यही है। 📱

आपकी ज़िंदगी की कहानी में भी राम जैसी जीत लिखी हो,
बस धीरज और भरोसा साथ रखिए। 📖

पुरानी हार को आज पीछे छोड़ दीजिए,
आने वाला कल आपके नाम की जीत लिए खड़ा है। 🌟

इस दशहरे अपनी गलतियों को माफ़ कर दीजिए,
ख़ुद से सुलह करना भी एक विजय है। 🕊️

बच्चों की तरह मेले में खो जाइए एक बार,
बड़े होने का बोझ कुछ देर के लिए उतार दीजिए। 🎈

आपके घर का हर कोना रोशन रहे,
और दिलों के बीच कभी कोई दूरी न आए। 🏠

कर्म सच्चा हो तो क़िस्मत भी झुकती है,
राम ने यही तो सबको सिखाया था। 🛕

ईश्वर करे कि आपका हर सपना इस साल पूरा हो,
और हर आँसू मुस्कान में बदल जाए। 🌈

दशहरा आपके लिए वो सौग़ात लाए,
जो आपने माँगी तो नहीं, पर सबसे ज़्यादा चाही थी। 🎁

शुभ विजयादशमी, उन सबको जो चुपचाप लड़ते हैं,
आपकी जीत की आहट अब दूर नहीं है। 💪

Dussehra Shayari Image

Dussehra Shayari Image

रावण का पुतला जल गया,
पर मेरे भीतर का डर आज भी बुझा नहीं। 🔥

राम का धनुष, सच की प्रत्यंचा,
और बुराई पर हर बार जीत उजाले की। 🏹

एक दीया, एक दुआ, एक भरोसा,
बस इतना ही काफ़ी है अँधेरे के ख़िलाफ़। 🪔

आसमान में रंग बिखरे, ज़मीन पर मुस्कानें,
दशहरे की शाम का यही तो जादू है। 🎆

मेले की पुरानी तस्वीर में एक चेहरा धुँधला है,
वही चेहरा आज तक मेरी यादों में साफ़ है। 📷

अहंकार चाहे कितना भी बड़ा हो,
एक दिन उसे भी आग में उतरना पड़ता है। 🔥

जीत की ख़ुशी में भी किसी को याद करना,
शायद यही सच्चे दशहरे की पहचान है। 💭

हर रावण जलकर यही कह जाता है,
घमंड की उम्र बहुत छोटी होती है। 🌫️

तिलक, दीया और मिठाई की थाली,
मेरे बचपन की सबसे सुंदर तस्वीर यही है। 🍬

ऊँचाई कितनी भी हो, नीयत गिर जाए तो पतन तय है,
लंकापति से बेहतर इसे कौन समझाएगा। 👑

इस शाम की तस्वीर में सब कुछ है,
बस वो एक इंसान नहीं है जिसके लिए ये सब सजा था। 🖼️

सत्य की लौ धीमी सही, पर बुझती नहीं,
आँधियाँ आती हैं और थककर लौट जाती हैं। 🕯️

भीड़ में चमकती आँखें, हाथों में गुब्बारे,
दशहरा बच्चों की नज़र से ही सबसे सुंदर लगता है। 🎈

जो भीतर का रावण पहचान ले,
उसे बाहर कोई युद्ध नहीं लड़ना पड़ता। 🧠

धुएँ के पीछे डूबता सूरज देखा आज,
लगा जैसे एक पुराना ज़माना विदा हो गया। 🌅

कंधे पर बैठा बच्चा रावण देखकर ताली बजाता है,
उसे क्या पता, ये बड़ों की लड़ाई भी है। 👶

रोशनी ने फिर साबित किया,
अँधेरा चाहे जितना घना हो, हार उसी की होती है। 🌟

मन्नत का धागा बाँधा था पिछले दशहरे,
इस बार उसे खोलने का दिन आ गया है। 🧵

हर पुतले के साथ जलती है एक पुरानी सोच,
और जन्म लेती है एक नई शुरुआत। 🌱

दशहरे का चाँद भी आज कुछ ज़्यादा उजला है,
जैसे उसे भी सच की जीत पर नाज़ हो। 🌙

Ganga Dussehra Shayari In Hindi

Ganga Dussehra Shayari In Hindi

गंगा की लहरों में आज सिर झुकाया,
मन का सारा बोझ बहकर कहीं दूर चला गया। 🌊

माँ गंगा के आँचल में जो उतरा,
उसके पाप नहीं, उसका अहंकार धुल गया। 🙏

घाट की सीढ़ियों पर बैठकर लगा,
सारी थकान को यहीं किनारा मिल गया। 🪷

गंगा दशहरा पर बस इतनी मन्नत है,
मन उतना ही निर्मल हो जाए जितना ये जल। 💧

दीयों की कतार बहती चली गई धारा में,
साथ में मेरी अनकही प्रार्थनाएँ भी चली गईं। 🪔

माँ गंगा सब सुनती हैं, बिना कहे भी,
इसीलिए मैं घाट पर आकर बस चुप बैठ जाता हूँ। 🤍

जिसने गंगा किनारे सुबह देखी हो,
वो जानता है शांति का असली रंग क्या होता है। 🌅

पवित्र जल की एक बूँद माथे पर लगी,
और बरसों का बेचैन मन ठहर गया। 🌿

गंगा स्वर्ग से उतरी तो धरती तर गई,
आज भी वो हर प्यासे का दुख धो जाती है। 🏞️

माँ ने जब गंगाजल हाथों में रखा,
लगा जैसे उम्र भर की दुआ सौंप दी हो। 🥹

इस दशहरे गंगा में डुबकी लगाइए,
मन के सारे दाग़ बहाकर नए हो जाइए। 🛕

लहरें लौटकर आती हैं, सिर्फ़ बीते पल नहीं,
गंगा किनारे इंसान ख़ुद से भी मिल लेता है। 🌊

आरती की घंटियाँ और लहरों का संगीत,
ऐसा सुकून कहीं और मिलता नहीं। 🔔

जो रिश्ते टूट चुके हैं उन्हें गंगा में बहा दीजिए,
और जो बचे हैं उन्हें दिल से लगा लीजिए। 🤝

गंगा का हर घाट एक कहानी कहता है,
किसी की मन्नत, किसी का आँसू, किसी का शुक्रिया। 📿

मन भारी हो तो एक बार गंगा के पास हो आइए,
वो कुछ कहती नहीं, पर हल्का ज़रूर कर देती हैं। 🌫️

गंगा दशहरा की सुबह जब सूरज जल में उतरा,
लगा जैसे पूरा आकाश घाट पर झुक आया हो। ☀️

माँ गंगा से बस एक ही माँग है,
मेरे अपनों के जीवन में सदा शीतलता बनी रहे। 🪷

निर्मल जल, निर्मल मन, निर्मल इरादे,
यही गंगा दशहरा का असली उपहार है। 💙

बहती धारा की तरह रुकिए मत,
राह में पत्थर आएँ तो भी राह बना लीजिए। 🌊

Ravan Dussehra Shayari

Ravan Dussehra Shayari

रावण विद्वान था, पर अहंकार ने उसे गिरा दिया,
ज्ञान भी विनम्रता के बिना बोझ बन जाता है। 👑

दस सिर थे, पर एक भी सही फ़ैसला न ले सका,
घमंड की यही सबसे बड़ी सज़ा होती है। 🔥

रावण जलता है हर साल, फिर भी लौट आता है,
क्योंकि हम उसे अपने भीतर पाल कर रखते हैं। 🧠

सोने की लंका भी काम न आई,
जब नीयत में ही खोट की दरार थी। 🏯

बाहर का रावण तो पुतला है, जल जाएगा,
भीतर वाले को जलाने की हिम्मत किसमें है? 🔥

उसकी शक्ति पर सब हैरान थे,
पर उसकी एक ग़लती ने पूरी लंका डुबो दी। ⚔️

रावण से सीख लो कि ऊँचाई पर पहुँचकर भी,
झुकना भूल जाओ तो गिरना तय है। 🏹

जिसके पास सब कुछ था, उसने सच्चाई खो दी,
और जिसके पास कुछ नहीं था, राम ने उसे जीत दिला दी। 🌿

हर पुतले के साथ जलता है एक बहाना,
कि बुराई तो दूसरों में होती है, मुझमें नहीं। 🪞

रावण का अंत कोई हार नहीं थी,
वो हर घमंडी इंसान के लिए एक आईना है। 🔍

जलती लंका में भी एक सबक़ चमका,
कि जो दूसरों का सुकून छीने, उसका अपना सुकून नहीं टिकता। 🌆

रावण ने अपनी भक्ति से सब कुछ पाया,
और अपने ही अहंकार से सब कुछ गँवा दिया। 🙏

इस दशहरे उस रावण को जलाइए जो ग़ुस्से में पलता है,
वही हमारे सबसे क़रीब बैठा सबसे बड़ा शत्रु है। 😤

पुतले की आग बुझ गई, भीड़ चली गई,
पर सवाल अब भी वहीं खड़ा है: मैंने क्या छोड़ा? 💭

बुराई का चेहरा कितना भी भव्य हो,
सच की एक किरण उसे बौना कर देती है। 🌅

रावण को हराना आसान था राम के लिए,
कठिन तो है ख़ुद के भीतर की लंका जीतना। 🏔️

दस सिरों वाला भी आख़िर अकेला ही गिरा,
अहंकार के पास कभी सच्चे साथी नहीं होते। 🥀

उसकी कहानी हर साल यही कहती है,
ताक़त नहीं, चरित्र इंसान को अमर बनाता है। ✨

रावण जल गया, राख भी हवा में खो गई,
बस यह सीख रह गई कि अहंकार का अंत निश्चित है। 🌬️

आइए इस दशहरे संकल्प लें,
जो भी रावण हमारे अंदर है, उसे आज जला दें। 🕯️

एक बार अवश्य पढ़े

निष्कर्ष

तो दोस्तों! उम्मीद है कि इस लेख में दी गई Dussehra Shayari आपको जरूर पसंद आई होगी और आपको अपने दिल की बात अपनों तक पहुँचाने के लिए सही शब्द भी मिले होंगे। अपने किसी खास इंसान के सामने प्यार का इज़हार करना चाहते हों, यहाँ दी गई Dussehra Shayari In Hindi आपके अलग-अलग एहसासों को शब्दों में पिरोने में मदद कर सकती है। Dussehra Shayari Love अपने प्रिय व्यक्ति को प्यार और अपनापन महसूस कराने के लिए लाने की प्रेरणा दें।

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